श्री बजरंग बाण
प्रेम और विश्वास से विनम्र होकर हनुमान जी का स्मरण करने वाले के सभी शुभ कार्य सिद्ध होते हैं।
हे संतों के हितकारी हनुमान जी, हमारी प्रार्थना सुनकर भक्तों के कार्य शीघ्र पूर्ण करें और उन्हें सुख दें।
हनुमान जी ने समुद्र पार किया, बाधाओं को जीता, विभीषण को सुख दिया, सीता जी को देखा और लंका में अपना पराक्रम दिखाया।
भक्त प्रभु से विलम्ब न करने और अपने दुःख दूर करने की करुणा माँगता है।
हनुमान जी से वज्र जैसी शक्ति से बाधाओं का नाश कर अपने सेवक की रक्षा करने की प्रार्थना है।
रामदूत हनुमान से सत्य की शक्ति द्वारा दुःख और विरोध का निवारण करने की विनती की गई है।
भक्त अपनी अल्पता स्वीकार कर हनुमान जी के बल पर निर्भय रहने और उनकी शरण लेने की बात कहता है।
राम की शपथ देकर हनुमान जी से भय और बाधा उत्पन्न करने वाली शक्तियों से रक्षा करने का निवेदन है।
हनुमान जी के स्मरण से कठिन दुःख दूर होते हैं; भक्त उनके चरणों में विनती करता है कि वे तुरंत सहायता करें।
हनुमान जी से शीघ्र आकर दुष्ट बाधाओं को दूर करने और भक्तों को आनंद देने की प्रार्थना है।
बजरंग बाण के पाठ को हनुमान जी की शरण और रक्षा का साधन बताया गया है।
जो प्रेम और विश्वास से हनुमान जी का ध्यान करता है, उसके सभी शुभ कार्य सिद्ध होते हैं।